आई फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर घबराने की जरूरत नहीं, लुधियाना के सिविल सर्जन से जाने इस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी
बरसात के मौसम में कंजंक्टिवाइटिस आई फ्लू Eye Flue (Conjunctivities) जैसी बीमारी Disease होना सामान्य बात है. इस से घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी Precautions से इसे फैलने से रोक भी सकते है और अगर यह रोग आपकी आखों तक पहुँच जाये तो इसका इलाज Treatment भी संभव है.
आइये लुधियाना Ludhiana के सिविल सर्जन डाॅ. हितिंदर कौर Civil Surgeon Dr Hitinder Kaur से इसके बारे में पूरी जानकारी लें
Dr Hitinder Kaur, Civil Surgeon, Ludhiana
लुधियाना के सिविल सर्जन डाॅ. हितिंदर कौर के अनुसार बरसात Rainy Season के मौसम में कंजंक्टिवाइटिस आई फ्लू जैसी बीमारी हो सकती है. यह छूत की बीमारी है.
लक्षण Symptoms
सिविल सर्जन डाॅ. हितिंदर कौर ने कहा कि अगर आंखें लाल होना, आंखों में खुजली होना, आंखों से पानी आना, आंखों में सूजन, आंखों के निचले हिस्से में सूजन आदि जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से आंखों की जांच कराएं। .
कैसे फैलती है How it Spread
आंखों की यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, इसलिए अपनी आंखों को बार-बार छूने से बचें और अपने हाथों को बार-बार साबुन Hand Washing और पानी से धोएं। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग किया गया तौलिया या रूमाल का उपयोग न करें। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर न जाएँ.
क्या करें
उन्होंने यह भी बताया कि यदि घर में किसी सदस्य में उपरोक्त लक्षण पाए जाएं तो उसे बाकि सदस्यों से दूर रखा जाए। यदि किसी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे में उपरोक्त लक्षण पाए जाएं तो उस बच्चे को स्कूल से छुट्टी कर लेनी चाहिए जाए और इलाज कराकर तथा पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही स्कूल भेजा जाए। इसके बिना इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के इस्तेमाल किये कपडे इस्तेमाल न करे. हाथ न मिलाये. ऐसे व्यक्ति के कपडे गर्म पानी से डिटर्जेंट से अच्छे से धोये. पनी आंखों को बार-बार छूने से बचें और अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग किया गया तौलिया या रूमाल का उपयोग न करें।
इलाज Treatment
सिविल सर्जन डाॅ. हितिंदर कौर ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में ये लक्षण हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. इसके इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में इसका इलाज निःशुल्क किया जाता है।
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